Whi pyar liye baithe hai

 एक वो जिसने हमे खिलौने के सिवा न कुछ समझा

एक हम जो आज भि दिल मे वही प्यार लिए बैठे है

 

उस जालिम ने हमे जख्म तो हजार दिए 

देखो फिर भि वही ऐतवार लिए बैठे है

कह दो जरा वक्त से जल्दी गुजरे 

पलकों में वही इंतजार लिए बैठे है

 

एक वो जिसने हमे खिलौने के सिवा न कुछ समझा

एक हम जो आज भि दिल मे वही प्यार लिए बैठे है

 

साथ जमाने के बदलना भि तो जरूरि था

बदले इस कदर तो क्या कोइ मजबुरि था

इस उम्मिद मे कि कभि आना भि जरूरि होगा

जब तुम आओगे न कोइ मजबुरि होगा

तेरे स्वागत मे सजे द्वार लिए बैठे है

 

एक वो जिसने हमे खिलौने के सिवा न कुछ समझा

एक हम जो आज भि दिल मे वही प्यार लिए बैठे है

 

तेरा दिया हुआ हर दर्द हमे प्यारा है

तुने तोडा जिसे वो दिल भि तो तुम्हारा है

दिल को मैने हि आइना बनाए रखा था

फिसला जो टुट गया कुसुर क्या तुम्हारा है

तेरे कशमों वादों का इजहार लिए बैठे है

 

एक वो जिसने हमे खिलौने के सिवा न कुछ समझा

एक हम जो आज भि दिल मे वही प्यार लिए बैठे है

Enjoyed this article? Stay informed by joining our newsletter!

Comments

You must be logged in to post a comment.

About Author